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श्री जांगड़ा पोरवाल समाज , जिला - मन्दसौर (मध्यप्रदेश) आपका हार्दिक स्वागत करता है.

पोरवाल ध्वज गान

पोरवाल ध्वज गान

पोरवाल ध्वज गान पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् । 
केसरिया रंग मन को भाये, श्री सम्पन्न स्वास्तिक छाये । 
सभी घटक मिले वन्दन गायें, कीर्ति बने ललाम ।। 
पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् । 
वैश्यों में पोरवाल शिरोमणी, बनी पताका मम चिन्तामणी । 
इसके नीचे हो आरोहण, गति होवे अविराम ।।
पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् ।
पोरबन्दर से उद्गम पाया, प्राग्वाट् का राज्य बनाया । 
संघर्षों से स्वयं सजाया, छोड़ प्रपंची काम ।। 
पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् । 
अत्याचारी शासक आये, हमको कभी झुका न पाये । 
सत्य अहिंसा ही अपनाये, सदियाँ बीति तमाम ।। 
पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् । 
धरिनाशाह, हेमचन्द्र से शासक, टोडरमल से वीर प्रशासक । 
तेजपाल, वस्तुपाल उपासक, अमर जाति का नाम ।। 
पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् । 
पोरवाल, पुरवार एक हैं, पुरवालों की यही टेक है । 
रक्त शुद्धता कार्य नेक है, होवे नाम सुनाम ।। 
पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् । 
अपने ध्वज को अमर करना है, प्रेम सुधा जग में भरना है । 
हर सोपान नया चढ़ना है, ध्वज है बद्रीधाम ।। 
पोरवाल ध्वज तुझको करें प्रणाम् ।


9. Blogger




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